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सावन 2026 का प्रारंभ 30 जुलाई से, शिव के प्रिय माह में कब-कब पड़ेंगे सोमवार, नोट कर लें तारीखें

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : Jul 03, 2026 04:28 pm IST,  Updated : Jul 03, 2026 06:39 pm IST

भगवान शिव को समर्पित सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक रहेगा। सावन में पड़ने वाले सोमवार खास महत्व रखते हैं। इनकी संख्या कभी 4 तो कभी 5 होती है। चलिए जानते हैं इस बार सावन के महीने में कितने सोमवार आएंगे और ये कब-कब पड़ेंगे।

Sawan Somwar 2026- India TV Hindi
2026 में कितने सावन सोमवार पडे़ंगे Image Source : PINTEREST

भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे शुभ माने जाने वाले सावन महीने का इंतजार शिव भक्त पूरे साल करते हैं। सावन में आने वाले सोमवार बहुत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इस महीने में शिव पूजा, व्रत, रुद्राभिषेक और कांवड़ यात्रा का विशेष महत्व होता है। आइए जानते हैं कि साल 2026 में सावन कब से शुरू होगा, इस बार कितने सावन सोमवार पड़ेंगे और इस पवित्र महीने का महत्व क्या है।

30 जुलाई से शुरू होगा सावन

साल 2026 में सावन माह की शुरुआत 30 जुलाई से होगी और इसका समापन 28 अगस्त को होगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन को चातुर्मास का दूसरा महीना माना जाता है। इस दौरान शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, जलाभिषेक और धार्मिक आयोजनों की रौनक देखने को मिलती है। 

इस बार पड़ेंगे कितने सावन सोमवार?

सावन महीने में आने वाले सोमवार को बेहद शुभ माना जाता है। साल 2026 में सावन के चार सोमवार पड़ेंगे। उनकी तारीखें इस प्रकार हैं-

पहला सावन सोमवार - 3 अगस्त 2026

दूसरा सावन सोमवार - 10 अगस्त 2026
तीसरा सावन सोमवार - 17 अगस्त 2026
चौथा सावन सोमवार - 24 अगस्त 2026

क्यों खास है सावन का महीना?

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए वर्षों तक कठोर तपस्या की थी। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने सावन माह में उन्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया। इसी वजह से यह महीना शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक माना जाता है और भगवान शिव को सबसे प्रिय भी बताया जाता है।

समुद्र मंथन से भी है सावन का संबंध

सावन महीने का संबंध समुद्र मंथन से भी है। देवताओं और असुरों द्वारा किए गए समुद्र मंथन के दौरान सबसे पहले हलाहल विष निकला था। सृष्टि की रक्षा के लिए भगवान शिव ने इस विष को अपने कंठ में धारण कर लिया, जिससे उनका कंठ नीला पड़ गया और वे नीलकंठ कहलाए। इसी कारण सावन में भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक का विशेष महत्व है

सावन सोमवार का धार्मिक महत्व

सावन सोमवार को शिवलिंग का जल और पंचामृत से अभिषेक करने से शिव-पार्वती की कृपा प्राप्त होती है। इस दिन व्रत रखने, रुद्राभिषेक करने और 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करने से मनोकामनाएं पूरी होने की मान्यता है। ज्योतिष के अनुसार, इससे चंद्रमा की स्थिति भी मजबूत होती है।

कांवड़ यात्रा 

सावन के दौरान लाखों श्रद्धालु हरिद्वार, गंगोत्री और अन्य पवित्र तीर्थों से गंगाजल लेकर पैदल कांवड़ यात्रा करते हैं। इसके बाद शिव मंदिरों में पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाता है। कई भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने पर भी कांवड़ यात्रा करते हैं।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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